खोज
हिन्दी
  • English
  • 正體中文
  • 简体中文
  • Deutsch
  • Español
  • Français
  • Magyar
  • 日本語
  • 한국어
  • Монгол хэл
  • Âu Lạc
  • български
  • Bahasa Melayu
  • فارسی
  • Português
  • Română
  • Bahasa Indonesia
  • ไทย
  • العربية
  • Čeština
  • ਪੰਜਾਬੀ
  • Русский
  • తెలుగు లిపి
  • हिन्दी
  • Polski
  • Italiano
  • Wikang Tagalog
  • Українська Мова
  • अन्य
  • English
  • 正體中文
  • 简体中文
  • Deutsch
  • Español
  • Français
  • Magyar
  • 日本語
  • 한국어
  • Монгол хэл
  • Âu Lạc
  • български
  • Bahasa Melayu
  • فارسی
  • Português
  • Română
  • Bahasa Indonesia
  • ไทย
  • العربية
  • Čeština
  • ਪੰਜਾਬੀ
  • Русский
  • తెలుగు లిపి
  • हिन्दी
  • Polski
  • Italiano
  • Wikang Tagalog
  • Українська Мова
  • अन्य
शीर्षक
प्रतिलिपि
आगे
 

लोमड़ी-व्यक्ति से मास्टर की स्नेहपूर्ण मुलाकातें और मापा तथा बुद्ध राजाओं के साथ उनकी बैठक,11 भागों का भाग 8

विवरण
डाउनलोड Docx
और पढो
मुझे खुशी है कि फिलहाल मैं यहाँ रह रही हूँ, क्योंकि यह अत्यंत कृपापूर्ण वन और स्थान है, जहाँ मैंने अपना तंबू लगाया है—यह एक महान आध्यात्मिक निधि है। याद है, पहले जब भी और जहाँ भी संभव होता, मैं आपको आध्यात्मिक कृपा-रेखाओं वगैरह के बारे में बताती रहती थी? लेकिन अब मैं ऐसी जगह पर हूँ, जहाँ कई तथाकथित आध्यात्मिक वृत्त हैं। वे अधिक शक्तिशाली हैं। वे आध्यात्मिक कृपा-रेखाओं और उन अन्य कृपादायी शक्तियों से अधिक प्रबल हैं, जिनके बारे में मैंने आपको पहले बताया था। कुछ स्थान परमेश्वर की कृपा और आध्यात्मिक अनुकंपा से परिपूर्ण होते हैं। कुछ स्थानों पर यह कम होती है, कुछ पर बिल्कुल नहीं होती, और कुछ स्थान नरक होते हैं। लेकिन हम पहले ही कई नरक-द्वार बंद कर रहे हैं, ताकि लोग उन स्थानों पर कुछ अधिक आसानी से रह सकें, जहाँ कभी नरक-द्वार, नरक-मार्ग और नरक-चौक हुआ करते थे। याद है। बहुत समय पहले, शायद दशकों पहले भी, मैंने आपको कुछ स्थानों के बारे में बताया था। मैंने कुछ सरकारों के शीर्ष कार्यालयों की ओर भी संकेत किया था, जहाँ नरक-द्वार और नरक-मार्ग हैं, यहाँ तक कि व्हाइट हाउस में भी और इंग्लैंड की 10 डाउनिंग स्ट्रीट में भी, जहाँ प्रधानमंत्री और संसद स्थित हैं।

यदि किसी भी स्तर के नेताओं का महल या मुख्यालय एलपी या एलआर, यानी “निम्न मार्ग” या “निम्न द्वार” अथवा उप-निम्न मार्गों पर हो, तो उनमें आक्रामकता और युद्ध जैसी प्रवृत्ति होगी। लेकिन यदि नेता या शक्तिशाली व्यक्ति नरक-द्वार, उप-नरक-द्वार या नरक-मार्ग पर या उसके भीतर बैठते हैं, तो उनमें आक्रामकता, युद्ध जैसी प्रवृत्ति और भी बहुत कुछ होगा। उनमें लोभ, स्वामित्व की भावना और धौंस जमाने जैसे नकारात्मक लक्षण अधिक होंगे। [...] यूनाइटेड किंगडम, के प्रधानमंत्री भवन के पास, लगभग पाँच मीटर की दूरी पर, एक उप-निम्न-लोक द्वार है; लगभग तीन से चार मीटर की दूरी पर चार निम्न मार्ग हैं—इनका 50 प्रतिशत नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अमेरिका का, व्हाइट हाउस, उसके पास लगभग तीन मीटर की दूरी पर एक उप-निम्न द्वार और व्हाइट हाउस के भीतर एक निम्न मार्ग है। वहाँ राष्ट्रपति और कर्मचारियों पर, 120% नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। [...]

यूनाइटेड किंगडम के, प्रधानमंत्री भवन को पश्चिम दक्षिण की ओर स्थानांतरित करना चाहिए। आप जानते हैं, उसे 10डाउनिंग स्ट्रीट कहते हैं, है न? (जी, मास्टर।) वह महल जैसा नहीं दिखता, लेकिन हम उसे यही कहते हैं, ठीक है, प्रधानमंत्री का मुख्यालय या कार्यालय, है न? [...] (जी, मास्टर।) वह स्थान, जहाँ सभी लोग प्रधानमंत्री के साथ काम करने जाते हैं, उसे चाहे जो कहें, पुरानी 10 डाउनिंग स्ट्रीट से 60 किलोमीटर दूर, पश्चिम दक्षिण की ओर स्थानांतरित करना चाहिए। दक्षिण से अधिक पश्चिम की ओर; तीन-चौथाई पश्चिम; एक-चौथाई दक्षिण।

अब अमेरिका की बात करें, जहाँ आप रहते हैं, आपका देश, “स्वतंत्र लोगों की भूमि” और “वीरों का देश”। अब व्हाइट हाउस को वर्तमान व्हाइट हाउस से, 70 किलोमीटर दूर पूर्व दक्षिण की ओर स्थानांतरित करना चाहिए। हमें दूसरा व्हाइट हाउस बनाना चाहिए और इस व्हाइट हाउस को संग्रहालय या किसी अन्य उपयोग में लाना चाहिए। सरकारी या निजी कार्यों के लिए इसका उपयोग नहीं होना चाहिए। पूर्व दक्षिण की ओर, 70 किलोमीटर। दक्षिण से अधिक पूर्व की ओर; दो-तिहाई पूर्व और एक-तिहाई दक्षिण। अब, आपने अमेरिका का इतिहास देखा है? वहाँ लगातार युद्ध होते रहे हैं। जी, मास्टर। यदि आपके देश के भीतर युद्ध न हो, तो कई अन्य देशों के साथ होता है। आइए, विराम लेते हैं। (जी।) बेचारे, मेहनती और नेकदिल अमेरिकियों के लिए। आइए, स्थान बदलें। इसमें आपका कुछ नहीं बिगड़ेगा। आपको मेरी बात पर विश्वास करने की आवश्यकता नहीं; बस स्थान बदलकर देखिए कि आपका देश कितना अधिक शक्तिशाली हो जाता है। युद्ध पर बचने वाला सारा धन आपके देश को अधिक समृद्ध, अधिक शिक्षित और हर क्षेत्र व हर दृष्टि से अधिक विकसित बनाएगा। आपके लोग केवल हथियारों में नहीं, बल्कि मनोबल में भी अधिक शक्तिशाली होंगे। हथियार नष्ट किए जा सकते हैं; लोगों का मनोबल नष्ट नहीं किया जा सकता, और हमें इसी मनोबल को विकसित व सुदृढ़ करना चाहिए, है ना? (जी, मास्टर।) ठीक है।

मैंने यह इस आशा में कहा था कि उस समय की सरकारें मेरी बात सुनेंगी और राजधानी का स्थान बदलेंगी। वे उसे मुख्य या पहली राजधानी बनाए रखकर दूसरी राजधानी वहाँ बना सकते हैं, जहाँ, जैसा मैंने बताया था, सरकार, प्रधानमंत्री और उस भवन में काम करने वाले सभी लोगों के लिए बेहतर होगा। मुझे उनकी सहायता की आशा थी, लेकिन लगता है किसी ने मुझ पर विश्वास नहीं किया। ऐसा होना सामान्य है। मुझे आश्चर्य नहीं। मैं बस अपनी ओर से पूरा प्रयास करती हूँ। वरना सहायता न करने के लिए मैं स्वयं को दोष देती। लेकिन कुछ स्थान दूसरों से अधिक बुरे होते हैं। यह इस पर निर्भर करता है कि नीचे या आसपास का नरक कितना बड़ा और कितना निकट है।

व्हाइट हाउस की ऊर्जा बहुत भारी थी। आपने देखा है, कितने राष्ट्रपतियों की हत्या के प्रयास हुए हैं? यहाँ तक कि राष्ट्रपति ट्रंप, जिन्हें अमेरिका और विश्व को आशीष देने तथा संसार में शांति स्थापित करने के लिए स्वर्ग ने भेजा है— उनकी जान लेने के भी कितने प्रयास हुए हैं। वे भाग्यशाली राष्ट्रपति हैं; यदि उनके चारों ओर, उनके पास, ऊपर और त्वचा तक पर्याप्त दैवी सुरक्षा न होती, तो वे कभी व्हाइट हाउस नहीं पहुँच पाते। यदि वे व्हाइट हाउस पहुँच भी जाते, तो वहाँ वह अपनी पहली साँस तक नहीं ले पाते। और वही उनकी अंतिम साँस होती। वास्तव में, अच्छाई और बुराई हर जगह हैं। तो, व्हाइट हाउस... मुझे देखने दीजिए, देखने दीजिए। मैं शीघ्र ही आपके पास लौटती हूँ। मुझे देखने दीजिए। हाँ, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप पद पर हैं, इसलिए उन्हें अपार दैवी सुरक्षा और आशीष प्राप्त है; इसी कारण वे अब भी जीवित हैं।

परम प्रिय मास्टर को सादर निवेदन है, जब मैंने इंटरनेट पर राष्ट्रपति ट्रंप के चुनावी विजय-भाषण का सीधा प्रसारण देखा, तो मंच पर कई स्वर्गीय प्राणी उत्साह से ऊपर नीचे उछलते दिखे उनके स्वरूप राष्ट्रपति ट्रंप की प्रचार टीम के साथ घुल-मिल रहे थे और स्थान की सीमाओं से परे थे। कार्यक्रम स्थल के ऊपर आकाश में अनेक बुद्ध और बोधिसत्व एकत्र थे। वे इतने प्रसन्न थे और उनके आँसू लगातार बह रहे थे। विशाल आँसू सुनहरी लहरों की तरह कार्यक्रम स्थल पर बरसे और उसे भर दिया, वहाँ उपस्थित सभी लोगों को आशीष दी तथा विश्व का नेतृत्व करने वाले अमेरिका को सर्वोच्च समर्थन प्रदान किया! ये बुद्ध और बोधिसत्व राष्ट्रपति ट्रंप के माध्यम से परमेश्वर की इच्छा पूर्ण करेंगे।

मैंने देखा कि मंच पर खड़े कुछ लोगों की वास्तविक पहचान स्वर्गीय प्राणियों की थी, जिनमें सेराफ भी शामिल थे। सेराफ अत्यंत उच्च पद वाले और शक्तिशाली योद्धा होते हैं; उन्हें भी क्वान यिन बोधिसत्व के असंख्य साकार रूपों में से एक—राष्ट्रपति ट्रंप—की सहायता के लिए पृथ्वी पर आने का आदेश मिला है। यह एक विशाल दल है, किसी एक व्यक्ति का कार्य या श्रेय नहीं। मेरी अंतर्दृष्टि ने राष्ट्रपति ट्रंप के भव्य और विशाल स्वर्णिम शरीर को उनके भौतिक शरीर के ठीक पीछे खड़े होकर विजय-भाषण के मंच की रक्षा करते देखा। साथ ही, उनका अत्यंत विशाल स्वर्णिम शरीर अमेरिका और पूरी पृथ्वी के ऊपर भी पहरा दे रहा था। वे एक अडिग विराट पुरुष की तरह हैं, जो अमेरिका और विश्व में नया वातावरण लाएँगे; वे जितना संघर्ष करते हैं, उतने ही साहसी होते जाते हैं!

मैंने यह भी देखा कि राष्ट्रपति ट्रंप की विजय से उत्पन्न गति पर सवार होकर सकारात्मक ऊर्जा की लहरें फ्लोरिडा के उस स्थान से पूरे अमेरिका में तरंगों की तरह फैल गईं, जहाँ विजय-भाषण हुआ था! न्याय के स्वर्णिम स्पंदन ने पिछले चार वर्षों में अमेरिका में बनाए गए अनेक अदृश्य दुष्ट महलों को नष्ट कर दिया! इस बार श्री ट्रंप की टीम की बड़ी जीत केवल राजनीतिक प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि “न्याय” और “बुराई” का निर्णायक संघर्ष भी थी, जिसमें न्याय ने स्पष्ट रूप से शानदार विजय पाई! अमेरिका ने जनसाधारण की सकारात्मक चेतना और उच्च विवेक को एकत्र कर परमेश्वर के चुने हुए व्यक्ति को निर्वाचित किया है और अब सही मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। सर्वशक्तिमान परमेश्वर राष्ट्रपति ट्रंप को उत्तम स्वास्थ्य दें और उनका सर्वमंगल करें! मैं मास्टर की सुरक्षा, उत्तम स्वास्थ्य और सभी मनोकामनाओं की पूर्ति की भी कामना करती हूँ! सादर, ताइवान (फॉर्मोसा) से या-के

फिर भी मैंने उन्हें चेताया है कि वे सदैव अपनी अच्छी तरह रक्षा करें, जैसे बुलेटप्रूफ जैकेट पहनें और बुलेटप्रूफ कारों में बैठें, विशेषकर तब जब वह अपने परिसर और घरों में, जहाँ सुरक्षाकर्मी कम होते हैं। लेकिन उनके पास एआई वाले “कुत्ते” हैं। संभव है, वे सामान्य कुत्ते जैसे सुरक्षाकर्मियों से भी अधिक सक्षम हों। यह उनके लिए अच्छा है। इस सारी दैवी सहायता, सुरक्षा, अनुकंपा और आशीष के कारण, उनके पद संभालने के बाद हम व्हाइट हाउस के सभी नरक-मार्ग, नरक-द्वार और नरक से जुड़ी हर चीज बंद कर पाए हैं। इसलिए अब वहाँ स्थिति कहीं बेहतर और सुरक्षित है।

लेकिन केवल नरक-मार्ग बंद करना पर्याप्त नहीं है। उस कार्यालय के लोगों, उनके साथ काम करने वालों और उनसे जुड़े लोगों को भी सावधान रहना होगा। नरक की बची हुई और ठहरी हुई ऊर्जा अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। और राष्ट्रपति के लिए काम करने वाले सभी लोग अभी सक्षम या उच्च आध्यात्मिक स्तर के नहीं हैं। इसलिए अब भी, छोटी-मोटी अप्रिय घटनाएँ हो सकती हैं, जैसे उनके वैवाहिक जीवन में। उनके असाधारण कार्य के कारण, केवल राष्ट्रपति के रूप में नहीं, बल्कि स्वर्ग द्वारा नियुक्त व्यक्ति के रूप में भी, इसलिए नकारात्मक शक्ति, बेशक, उन्हें मिटाने, उन्हें गिराने, तथा उन्हें बदनाम करने और हर तरह से अपमानित करने का भरसक प्रयास कर रही है। उन्हें यह सब सहना पड़ता है, और उन्हें गर्व होना चाहिए कि वे अब भी दृढ़ता से खड़े हैं।

प्रिय मास्टर को साष्टांग प्रणाम, मैं मास्टर को अपनी एक छोटी-सी आंतरिक अनुभूति बताना चाहती हूँ। जब समाचार आया कि राष्ट्रपति ट्रंप चीन की यात्रा पर गए और 13 मई को बीजिंग पहुँचे, तो मैंने एक तस्वीर में देखा कि उन्होंने सहस्रभुज, सहस्रनेत्र क्वान यिन बोधिसत्व का स्वर्णिम रूप प्रकट किया। उनका भव्य, विशाल धर्मकाय उनके पीछे खड़ा था और उसकी आभा ने पूरे स्थल को ढक लिया था, जो आशा के प्रस्फुटित तारों जैसे प्रकाश से जगमगा रहा था! उस आभा ने उनका स्वागत करने आए सभी लोगों को अपार आशीष दी। अदृश्य स्तर पर परिवर्तन होने के कारण उनकी चेतना अनजाने ही उन्नत हो गई।

फिर, अदृश्य जगत, में राष्ट्रपति ट्रंप ने घर में बैठी मुस्कराकर मुझे अभिवादन किया, जिससे पता चला कि वे जानते थे कि मैं उनके लिए प्रार्थना कर रही हूँ। मैंने देखा कि स्वागत-स्थल को घेरे ठंडे इस्पात जैसी संरचना उनके आसपास धीरे-धीरे नरम पड़ती प्रतीत हुई। चीनी पक्ष के कुछ लोगों के सिर से काली ऊर्जा निकल रही थी, फिर भी राष्ट्रपति ट्रंप आत्मविश्वास से परिपूर्ण थे। इतनी अधिक आयु में भी वे विश्व के लिए अथक परिश्रम कर रहे हैं, यह वास्तव में प्रशंसनीय है। मैंने उनके सामने एक अदृश्य स्वर्गीय रक्षक को प्रकट होते देखा, जो विशाल अमेरिकी ध्वज थामे शक्तिशाली अग्रदूत की तरह उनके लिए मार्ग साफ कर रहा था। यह दर्शाता है कि विश्व-नेता के रूप में अमेरिका का स्थान परमेश्वर-प्रदत्त अधिकार है। लेकिन विश्व-नेतृत्व का यह स्थान धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है, और राष्ट्रपति ट्रंप इस अधिकार को बनाए रखने का प्रयास करने वाले एक महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं।

स्वर्ग से एक वाणी आई, “हम राष्ट्रपति ट्रंप की रक्षा करेंगे। वे तुम्हारे हित के लिए कार्य करेंगे! उनकी रणनीतियों से तुम्हें कष्ट मिले या लाभ, यह सब एक विशाल शतरंज की बाजी का हिस्सा है, और आप सभी उनके हाथों की मोहरें हो। यह खेल अंततः सभी प्राणियों के लिए आनंद लाए। वह भी स्वर्ग की इच्छा है। हम उनकी सहायता करेंगे!” अचानक, समर्थन में धरती से असंख्य बोधिसत्व प्रकट हुए। वे सभी इस भव्य घटना के परिणाम को प्रभावित करने वाले थे।

मैंने दूर एक अंधकारमय शक्ति को अस्पष्ट रूप से घात लगाए देखा, जो घटना को सकारात्मक दिशा में बढ़ने से रोकने का प्रयास कर रही थी। लेकिन अभी वह राष्ट्रपति ट्रंप की शक्ति का सामना करने में सक्षम नहीं है। आखिर उनके पास परमेश्वर का दिया हुआ अधिकार है। क्वान यिन बोधिसत्व के साकार भौतिक रूपों में से एक को इस प्रकार पृथ्वी पर चलते देख पाना वास्तव में सम्मान की बात है! आइए, राष्ट्रपति ट्रंप के लिए प्रार्थना करें! मैं मास्टर को भी अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ अर्पित करती हूँ! विश्व उसी दिशा में आगे बढ़े, जिसकी मास्टर हमसे आशा करते हैं! सादर, ताइवान (फॉर्मोसा) से वान-फू

इत्यादि...

लेकिन नकारात्मक शक्ति लोगों को माध्यम बनाकर उनके जीवन, प्रतिष्ठा या वैवाहिक सुख में बाधाएँ उत्पन्न करती रहती है। लोग अब भी अलग-अलग छोटे-बड़े तरीकों से उन्हें उनकी पत्नी, बेटों और बेटियों से अलग करने का प्रयास करते हैं। वे मिलकर पारिवारिक सुख का पूर्ण आनंद नहीं ले पाते। और वे वास्तव में बहुत दृढ़ लोग हैं। मैं उन सभी की प्रशंसा करती हूँ। तमाम कठिनाइयों और परिवार को अलग करने के सभी प्रयासों के बावजूद वे साथ हैं और एक-दूसरे की सहायता कर रहे हैं। उनके दामाद अब उनकी सरकार में बिल्कुल काम नहीं करते, फिर भी वे विभिन्न स्थानों पर शांति स्थापित करने में उनकी सहायता कर रहे हैं। मैं उन सभी की बड़ी सफलता की कामना करती हूँ, साथ ही अमेरिकी जनता के समर्थन की भी, जो राष्ट्रपति तथा उनके कर्मचारियों और सरकार व देश के लिए नेक कार्य करने वाले हर व्यक्ति पर विश्वास करें— क्योंकि व्यापक रूप से उनका कार्य पूरे विश्व; या कम-से-कम विश्व के अधिकांश देशों के हित में भी है।

Photo Caption: "सच्ची महानता को मापा नहीं जा सकता"

फोटो डाउनलोड करें   

और देखें
सभी भाग (8/11)
और देखें
नवीनतम वीडियो
उल्लेखनीय समाचार
2026-11-05
1953 दृष्टिकोण
36:15

उल्लेखनीय समाचार

330 दृष्टिकोण
उल्लेखनीय समाचार
2026-11-04
330 दृष्टिकोण
उल्लेखनीय समाचार
2026-11-04
5308 दृष्टिकोण
5:09

Seeing Ruma Is Empowered by Devil’s Power

1377 दृष्टिकोण
उल्लेखनीय समाचार
2026-11-04
1377 दृष्टिकोण
स्वस्थ जीवन
2026-11-04
356 दृष्टिकोण
उल्लेखनीय समाचार
2026-11-03
1527 दृष्टिकोण
साँझा करें
साँझा करें
एम्बेड
इस समय शुरू करें
डाउनलोड
मोबाइल
मोबाइल
आईफ़ोन
एंड्रॉयड
मोबाइल ब्राउज़र में देखें
GO
GO
ऐप
QR कोड स्कैन करें, या डाउनलोड करने के लिए सही फोन सिस्टम चुनें
आईफ़ोन
एंड्रॉयड
Prompt
OK
डाउनलोड